तनाव (stress) से जुडी कुछ बाते तनाव का कारण, लक्षण,तनाव से लड़ने के तरीके।

तनाव  (what is Stress)

इस भागादौड़ी जीवन मे कोई भी ऐसा नही है जिसे stress न हो चाहे कोई student हो या office में काम करने वाला आदमी या घर चलाने वाली औरत सबको किसी न किसी चीज़ की stress है। तनाव (Stress) कहने के लिए तो बहुत छोटा शब्द है लेकिन हमारे जीवन मे बहुत important भूमिका (role) निभाता है।

Stress दो तरह के होते है एक अच्छा और एक बुरा। अच्छा (कम) stress हमारी life में होना जरूरी है क्यों कि ये हमे अपने लक्छ (Goal) तक जाने में मदत करता है। अगर हम कोई stress न ले तो हम अपना कोई भी काम टाइम पर नही कर पाएंगे अपने लक्छ पे नही पहुच पाएंगे। वही बुरा (ज्यादा) stress हमे बहुत तकलीफ और घातक बीमारियों के तरफ ले जाता है। कई लोग तो इतने डिप्रेसन में चले जाते है कि उनके मन मे suicide तक का ख्याल भी आने लगता है। ऐसे में ये जानना हमारे लिए बहुत जरूरी है कि तनाव की स्थिति में हम उससे कैसे लड़े कैसे उन परिस्थितियों का सामना करे।

आज हम बात करेंगे तनाव का कारण, लक्षण, तनाव से संबंधित स्वास्थ्य समस्या,तनाव से लड़ने के तरीके।


तनाव का कारण (causes of stress)

तनाव हमारे जीवन का हिस्सा है लेकिन जब तनाव लम्बे समय तक हम पर हाबी रहे तो समझ जाएं ये ठीक नही। यह सीधे हमारे अपनों पर प्रभाव डालता है किसी अपने से लड़ाई, परिवार से दूरी। कई बार तो हम कोई गलत कदम उठा लेते है। Stress हमारे जीवन मे कई तरह से हो सकता है

1.आर्थिक परेसानी (financial problems)
2.किसी अपने की मृत्यु (death of a loved one)
3.नौकरी में नुकसान (loss of a job)
4.बेरोजगारी (unemployment)
5.नींद की कमी (due to sleep deprivation)
6.सही खाना न खाना (unhealthy diet)
7.खराब रिस्ते (bad relationship)
8.वातावरण का प्रभाव (environmental factors)

 

तनाव के लक्षण ( symptoms of stress)

तनाव हमारे जीवन शैली को बुरी तरह खराब कर देती है जिससे हम में बहुत सारे परिवर्तन होते है- संज्ञानात्मक बदलाव (cognitive changes), व्यवहार में बदलाव (behavior changes), भावनात्मक बदलाव (emotional changes), शारीरिक बदलाव (physical changes)

1.संज्ञानात्मक लक्षण (cognitive symptoms) –

  • हमारे मन मे गलत विचार आने लगते है
  • लगातार किसी चीज़ की चिंता होने लगती है
  • यादास्त कमजोर होना
  • हम गलत फैसले लेने लगते है
  • आत्म्विश्वास में कमी आने लगती है

2.व्यवहार संबंधित लक्षण (behavioral symptoms)-

  • खाना जादे या कम खाना
  • जादा या कम सोना
  • दुसरो से दूरी बना लेना
  • अकेले रहना
  • जिम्मेदारी से मुँह मोड़ लेना
  • नसीले चीज़ों का उपयोग करना, शराब, सिगरेट्स, ड्रग्स
  • दांतो से नाखून काटना आदि

3.भावनात्मक लक्षण (emotional symptoms)-

  • चिंता (anxiety)
  • चिड़चिड़ापन (irritability)
  • अवसाद (depression)
  • कभी भी mood बदल जाना
  • अकेलापन महसूस करना
  • जादा गुस्सा करना
  • अधिक रोना

4.शारीरिक लक्षण (physical symptoms)-

  • बालों का गिरना
  • सीने में दर्द
  • हमेशा सर्दी या फ्लू
  • दर्द और पीड़ा
  • चेहरे पे मुँहासे होना
  • सिर में दर्द
  • पेट उदास रहना 

 

तनाव के वजह से होने वाली 7 बीमारियॉ (7 diseases cause by Stress)

what is Stress


1.हृदय रोग (heart disease)-
Research के समय ये माना गया है कि तनाव से होने वाली बीमारियों में हृदय रोग और रक्तचाप (high blood pressure) की समस्या ज्यादे होती है। तनाव दिल की धड़कन को बढ़ा देता है, जो शरीर के दूसरे अंगों को प्रभावित करती है।

2.मोटापा (obesity)तनाव के वजह से मानसिक ही नही बल्कि शरीरिक नुकसान भी होता है। तनाव के दौरान हमे ध्यान नही रहता है और हम high calories की चीज़ें बिना सोचे खाने लगते है और हमारा वजन बढ़ जाता है।

3.मधुमेह (diabetes)-  तनाव के वजह से मधुमेह भी हो सकता है। मधुमेह और तनाव का गहरा रिस्ता है। तनाव के कारण शुगर बढ़ जाता है।

4.भूलने की बीमारी (Alzheimer disease)- ज्यादा तनाव या डिप्रेशन के वजह से भी भूलने की बीमारी हो सकती है। तनाव या डिप्रेशन से जुड़े hormones न्यूरॉन्स ब्रेन कोशिकाओं (cells) के काम को धीमा करके भूलने का खतरा बढ़ा देता है।

5.दमा (asthma)- तनाव के वजह से दमा की परेसानी भी हो सकती है। जिसमे सांस की नलियो में जलन, सिकुड़न या सूजन की स्थिति और उनमें ज्यादा बलगम (mucus) बनना, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है।

6.त्वचा पर तनाव का प्रभाव (effect of stress on the a skin)- तनाव हमारे सेहत पर तो प्रभाव डालता ही है, साथ ही ये हमारे चेहरे पर भी साफ झलकने लगता है। तनाव के वजह से हमारी त्वचा की चमक खो जाती है।

7.असमय मृत्यु (premature death)- एक research में ये बात सामने आई है कि काम के तनाव के वजह से पुरषो में समय से पहले मृत्यु होने का खतरा लगभग 63% ज्यादा होता है। तनाव के वजह से वे नसीले चीज़ों का उपयोग करने लगते है और कैंसर, दिल की बीमारी जैसी बड़ी बीमारियों के वजह से समय से पहले उनकी मृत्यु हो जाती है।


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तनाव से लड़ने के 5 तरीके (5 ways to fight back stress)

1.हर पल को जिये (live the moment)- life में बहुत सारे उतार चढ़ाव आते है ये हम पे depend  करता है कि हम उस समय कैसे react कर रहे। हर पल को जिये की ये वक़्त दुबारा आने वाला नही। तनाव को आप एक competitor की तरह देखे की आप इससे लड़ ही नही बल्कि जीत भी सकते है। अगर हम ये सोचे की ये हमारे लिए challenge है तो हम उस बुरे समय से लड़ सकते है। यही अगर हम सोचे कि बस हमारे साथ ही ऐसा क्यों होता है तो हमारे लिए बहुत बुरा साबित हो सकता है हम तनाव में घिरते जाते है। ऐसे में आपको उस situation को एक challenge मान के चलना चाहिए कि हम इससे लड़ सकते है आगे सब अच्छा होगा। जितना हो सके आप जिससे सबसे ज्यादा करीब है उनसे अपने दिल की बाते बाँटिये इससे आपको उस समय मे लड़ने की हिम्मत मिलेगी।

2.व्यायाम और योग (exercise and yoga)- व्यायाम और योग हर बीमारी का तोड़ है। व्यायाम और योग cortisol और adrenaline hormone को कम करता है। और ये दोनों मुख्य तनाव hormone है जिनकी वजह से हम तनाव महसूस करते है। रोजाना सुबह 30 से 40 मिनट, सप्ताह में कम से कम 5 दिन, 6 महीने तक करने से आपको तनाव से राहत मिलेगी।

Adrenaline
एड्रेनालाईन, जिसे एपिनेफ्राइन भी कहा जाता है, आपकी एड्रेनल ग्रंथियों और कुछ न्यूरॉन्स द्वारा स्रावित हार्मोन है। एड्रेनल ग्रंथियां आपकी किडनी के ऊपरी भाग पर स्थित होती हैं। वे एल्डोस्टेरोन, कोर्टिसोल, एड्रेनालाईन और नॉरएड्रेनलाइन सहित कई हार्मोन के उत्पादन के लिए ज़िम्मेदार हैं।
Cortisol
कोर्टिसोल, ग्लुकोकोर्टिकोइड्स नामक हार्मोन के समूह से संबंधित है। इस समूह के हार्मोन कोशिकाओं में मेटाबॉलिज्म (चयापचय) के विनियमन में शामिल होते हैं और वे शरीर में अलग-अलग प्रकार के तनाव को नियंत्रित करने में भी हमारी सहायता करते हैं।

3.सकरात्मक सोच (positive thinking)- चाहे कैसे भी स्थिति हो हमेशा positive ही सोचे इससे आपको उस समय से लड़ने की हिम्मत मिलती है। अगर आप नकारात्मक (negative) सोच के साथ रहेंगे तो आप किसी भी समस्या का उपाय नही नही कर पाएंगे आपको केवल परेसानी होगी। लेकिन अगर आप positive सोचेंगे तो आप किसी भी समस्या का हल आसानी से निकाल सकते है।

4.नही कहना सीखे- कई लोग अपने दोस्तों या रिस्तेदारों से किसी ऐसे बात के लिए हाँ बोल देते है जो वो करना नही चाहते यानी उनके काम की भी जिम्मेदारी अपनी ऊपर ले लेते है। जिसके वजह से वह अपना काम नही कर पाते और तनाव में आ जाते है। जब आप पूरी तरह से उस जिम्मेदारी को लेने के लिए तैयार हो तभी हाँ बोले। ऐसे काम न करे जिन्हें आप करना नही चाहते कुछ चीज़ों को (नही) कहने से आप तनाव से बच सकते है।

5.अपने mind को आराम दे- जितना हो सके अपने आप को टाइम दे। वो काम करे जिससे आपके मन को शांति मिले- घूमने जाए, अपना मन पसंद गाना सुने, दोस्तो से मिले, किताबे पढ़े, छुट्टियों पे जाए, गेम खेले समय-समय पर मौज मस्ती से आप तनाव से बच सकते है।

इस article में तनाव से जुड़ी सारी जानकारी है इसके अलावा अगर आपको कुछ जानना है या पूछना चाहते है तो comment करे healthy रहे masti करे bye

 

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